Monday, 16 January 2012

खुशी के रंग

खुशी के रंग

कृति: Jagesh Jags

रंग  रंग में रंग जायेगा रंगों की दुनिया में,
रंगीली डुबकिय रंगों के दरिया में,
रंगों के बिच रंगीन भंवर में 
गर कही ,रंग मेरा, रंगत मेरी 
रंग रंगीली हरकत मेरी 
रंग न पाई रंगों से तो 
रंग कही ये उड़ न जाये
उन रंगीन आँखों से 
आँखों का रंग , रंग नहीं है 
रंगों का सैलाब भरा 
रंग बड़ा रंगीन है ये रंगों के सागर से बना 
रंगना मुझको बहुत अभी है ,
उन आँखों को रंगने के लिए 
एक रंग फिर ऐसा भी हो 
रंग  रंगीली आँखों को जब,
भायेगा ये रंग मेरा
तब होगी रंगीन रंगीन दुनिया 
रंग रंग से भरी हुई, कई रंगों से सजी हुई
उन आँखों में भी रंग दिखेंगे
होगी खुशिया भी रमी हुई.

3 comments:

  1. बहुत बेहतरीन और प्रशंसनीय.......
    मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

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